बेहद की परम परम महाशांति है..!!
परिवर्तन का आधार केवल ज्ञान नहीं है।
परिवर्तन के लिये ज्ञान के साथ-साथ दृढ़ संकल्प भी चाहिए। संकल्प बड़ी शक्ति है। इससे ही बड़ा परिवर्तन हो सकता है।
सफलता के लिए तीन प्रकार की शक्तियां अहम हैं। इच्छा शक्ति, संकल्प शक्ति और एकाग्रता की शक्ति यह 3 शक्तियां कम या अधिक मात्रा में हर व्यक्ति के पास होती हैं। कोई भी व्यक्ति शक्ति विहीन नही है। कुछ लोग तो संकल्प करने से घबराते हैं। उन्हें यह ज्ञान ही नहीं है कि संकल्प के बिना किसी का विकास नहीं हो सकता। सृष्टि की रचना भी संकल्पों द्वारा हुई है। कोई भी सफलता एकदम नहीं मिलती बल्कि संकल्पों से जुड़ने वाले व्यक्ति जो संकल्प लेते हैं वे उसकी सफलता के लिए प्रतिदिन उसे दोहराते हैं। उस संकल्प को जीते हैं। अपने act में लाते हैं। पुरुषार्थ,संकल्प और सफलता एक दूसरे से जुड़े हैं। संकल्प के साथ-साथ पुरुषार्थ हो तो सफलता सुनिश्चित है। इसमें प्रोत्साहन का भी बड़ा योगदान है। अपने संकल्पों को पूरा करने के लिये हमें पूरे मन से तैयार होना होता है,उसके अनुकूल वायुमंडल बनाना पड़ता है तथा व्यक्ति स्वयं को बदलने के लिये तैयारी भी अवश्य रखता है।
परमशान्ति..!!
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परमशान्ति..!!
