Behad Souls Blog Posts
"Param Shanti. This space is dedicated to the Behad ki Atma—the infinite souls ready to transcend the boundaries of the limited world. Here, we share deep insights into our true origins, the process of self-transformation, and the path back to the Paramdham. It is time to awaken from the long sleep of the Kalpa and reclaim your divine heritage."
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प्रारब्ध और संचित कर्म – आत्मा की यात्रा का रहस्य
संचित कर्म ही इस जीवन का प्रारब्ध बनते हैं। आत्मा की यात्रा, कर्मबंधन और आत्मकल्याण का दिव्य रहस्य जानिए बापूजी के ज्ञान से।
जिंदगी में मौज लो, बुढ़ापे में तो भजन कर ही लेंगे। क्या यह सोच सही है ? जो बच्चे कम उम्र से ही भक्ति करने लग जाते हैं, क्या माँ बाप को उनको रोकना चाहिए?
Devotion has no fixed age — the earlier, the better. Starting spiritual practice in childhood lays the foundation for a pure soul and higher life.
Digital Karma क्या होता है ?
Every online action creates an impression. Discover how Digital Karma shapes your soul and future — based on the divine wisdom of Bapuji.
What Are Vibrations Made Of? The Secret of Soul, Elements, and Thought Power | Behad Gyan
विचारों के वाइब्रेशनस वायु और अग्नि तत्व से मिलकर बनते हैं। आत्मा की सोच ही उसकी शक्ति को घटाती या बढ़ाती है। जितना निर्लिप्त और निर्विचार बनेंगे, उतना आत्मा सशक्त होगी। यह लेख समझाता है कि क्यों “कम सोचो, कम बोलो, अधिक आत्मस्मृति में रहो” ही आत्मा का उत्थान है।
Who Really Gave the Gita? Krishna Spoke, Almighty Sent the Knowledge
गीता का भगवान कौन?
कृष्ण ने गीता बोली, परंतु गीता का वास्तविक ज्ञानदाता कोई और है — स्वयं परमधाम से आने वाले Almighty Authority। कृष्ण तो एक दिव्य माध्यम थे। गीता में वर्णित "मामेकं शरणं व्रज" में 'मैं' का अर्थ है वह परमतत्व, जो जन्म-मरण से परे है। इसी ज्ञान से आत्मा को मिलती है परम पद की प्राप्ति।
ज्ञान ही जीवन है: आत्म परिवर्तन से विश्व परिवर्तन तक का मार्ग
जब तक हमारे भीतर आत्मज्ञान की दृष्टि नहीं जागती, तब तक हमारी सोच, भावनाएँ और कर्म वास्तविक रूप से नहीं बदल सकते। ज्ञान ही जीवन की दिशा है — यह हमें सिखाता है कि हम आत्मा हैं, शरीर नहीं। जब यह अनुभूति गहरी होती है, तब ही संकल्प शक्ति, पुरुषार्थ और सेवा भाव जाग्रत होते हैं। स्वयं में परिवर्तन लाकर ही हम विश्व में शांति और प्रकाश फैला सकते हैं। यही है बापूजी के बेहद ज्ञान का सार।
Sankalp Shakti: The Real Power Behind Soul Transformation and World Change
"परिवर्तन का आधार केवल ज्ञान नहीं, दृढ़ संकल्प भी है। संकल्प शक्ति से ही आत्मा जाग्रत होती है और जीवन रूपांतरित होता है। सफलता का मार्ग इच्छा शक्ति, संकल्प शक्ति और एकाग्रता से होकर गुजरता है — यही है विश्व परिवर्तन की असली चाबी।
Who Is the Real God of the Gita? Revealing the Source Through Infinite Knowledge
गीता का भगवान कौन है? बेहद का बाप स्वयं ज्ञान द्वारा अपना परिचय देता है — वह जो आत्मा का नहीं, अनंत ब्रह्मांडों का भी ज्ञान देता है। वही गीता का असली भगवान है, जो हद और बेहद दोनों की आत्माओं की पहचान कराता है।